Productivity बढ़ाने के 12 वैज्ञानिक तरीके

Productivity बढ़ाने के 12 वैज्ञानिक तरीके

Productivity बढ़ाने के 12 वैज्ञानिक तरीके


हम अपने जीवन में कई तरह की उलझन में उलझ गए है, कई बार हम कुछ करने में इतना समय ले लेते है, कि कुछ खास प्रभाव नहीं ला पाते है। इस दुनिया में सबके पास उतना ही समय है, फिर भी कुछ लोग बहुत जल्द सफलता हासिल कर लेते है और कुछ लोग बरसों से एक ही तरह की उलझनों में उलझे रहते है और प्रगति नहीं कर पाते। अपने जीवन में कुछ खास इंपैक्ट Create नहीं कर पाते हैं।

एक उदाहरण से समझते हैं, अमित और सुमित दो जने है, जिनको मार्केटिंग कंपनी में एक ही महीने में समान पोस्ट पर दोनों का जॉब मिलता है। दोनों का qualification समान था। दोनों काम अच्छे से करते थे।

उस मार्केटिंग कंपनी में काम करते हुए दोनों का कुछ साल हो गए।

समान पोस्ट पर होने के बावजूद भी साल दर साल अमित का प्रोमोशन होता गया, आज अमित कंपनी में एक high पोस्ट पर पहुंच गया है और कंपनी में एक high packing salary लेने लग गया।

अब वो team leader की पोजिशन पर पहुंच गया है और उस कंपनी का CEO उसके काम से बहुत खुश है। उसके नेतृत्व में कंपनी ने बहुत grow किया है।

वो ही सुमित आज भी उसी पोस्ट पर बना हुआ है। वह अपने जीवन में और अपनी नौकरी में कुछ खास तरक्की नहीं कर पाया और उसे अपने काम से हमेशा शिकायत बनी रहती है। और वो मन ही मन में वह अमित से ईर्ष्या भी करता है।

आईए जानते है कि दोनों के qualifications समान होने के बावजूद भी काम के दौरान ऐसा क्या भिन्नताएं आ गई कि दोनों में इतना ज्यादा gap हो गया..

अमित और सुमित ने दोनों ने academic knowledge तो same था, मगर दोनों ने काम experience में change आ गया।
अमित और सुमित के काम में इतना ज्यादा अंतर का सबसे मुख्य कारण है, वो है productivity.

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Posted by : Mahesh Yadav

Founder @AchhiBaatein