प्रकृति के सबसे बड़े नियम (आदत) का विश्लेषण

प्रकृति के सबसे बड़े नियम (आदत) का विश्लेषण

प्रकृति के सबसे बड़े नियम (आदत) का विश्लेषण


प्रकृति के सबसे बड़े नियम का विश्लेषण (The Power of Habit & Nature’s Universal Truth)

नियम यह हैं कि प्रकृति सभी आदतों (Habits) को स्थायी बना देती हैं ताकि एक बार आदत पड़ जाने पर वे अपने आप चलती रहे। यह ब्रह्माण्ड के बारें में भी उतना ही सच हैं जितना की इंसान की आदतों के बारें में।

हमारे Ideas हमें कार्य की तरफ ले जाते हैं और फिर हम वह कार्य जब बार-बार करते हैं तो इससे आदतें बनती हैं, आदतों से हमारा चरित्र बनता है और चरित्र से हमारा भविष्य। चरित्र हमारी आदतों का ही मिला जुला रूप होता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि अच्छी आदतों वाला व्यक्ति अच्छे चरित्र का माना जाता है और बुरी आदतों वाला व्यक्ति बुरे चरित्र का माना जाता है।

आदतन किया गया कार्य बहुत आसानी से किया जा सकता हैं, क्योकि इसमें ब्रह्माण्ड की शक्ति भी इसमें कार्य करती हैं, जैसा कि पहले बताया हैं कि हर कोई आदत के बंधन से बंधा हैं, पशु, पक्षी, जीव और प्रकृति हर एक पदार्थ चाहे वह निर्जीव हो या सजीव।

हमारा नजरिया या हमारे सोचने का तरीका ही हमारी आदतें बनाता है और फिर हम  उसी के अनुसार व्यवहार करते हैं, इसलिए किसी के व्यवहार मात्र से उसकी आदतों का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता हैं।

इस बात में तनिक भी संदेह नहीं कि व्यक्ति चाहे कहीं भी हो और कुछ भी हो, अपने विचारो और काम करने की आदतों के कारण होता हैं, इसलिए व्यक्ति को ऐसी आदते डालनी चाहिए जिससे वह अपनी वर्तमान स्थिति से आगे बढ़ कर मनचाही स्थिति के निकट पहुच सके, जैसा कि वह चाहता हैं जैसा कि वह बनना चाहता हैं।

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Posted by : Mahesh Yadav

Founder @AchhiBaatein